जानिए, आखिर दिल्ली क्यों रहती है आतंकियों के निशाने पर?
चूंकि राष्ट्रीय पर्व—15 अगस्त तथा 26 जनवरी—आतंकियों के लिए इसी प्रतीकात्मक महत्व को भुनाने और इसमें भागीदारी जताने वालों के बीच अधिकतम भयावह माहौल पैदा करने का षड्यंत्र रचा जाता…
चूंकि राष्ट्रीय पर्व—15 अगस्त तथा 26 जनवरी—आतंकियों के लिए इसी प्रतीकात्मक महत्व को भुनाने और इसमें भागीदारी जताने वालों के बीच अधिकतम भयावह माहौल पैदा करने का षड्यंत्र रचा जाता…